Sunday

"हमारा गौरवशाली अतीत और आधुनिकता का आवरण ओढ़े वर्तमान' विषय पर दो मित्रो के बीच संवाद (वर्तालाप)

 रमेश- सुरेश! क्या तुमने आज की खबर पढ़ी

सुरेश- हाँ पढ़ी

रमेश- हमारे भारतीय समाज को ना जाने क्या हो गया है, जहाँ देखा साम्प्रदायिक दंगे, चोरी लूटपाट तथा जातिगत भेदभाव नजर आता है.. 

सुरेश- हाँ, तुम ठीक कह रहे हो, हमारा अतीत वर्तमान से अधिक गौरवशाली था, हमारी भारतीय संस्कृति और एकता का उदाहरण पूरे संसार में दिया जाता था.. 

रमेश- लेकिन सुरेश! आज हम जिस अधुनिकता की बात करते हैं, वह हमारे अतीत के गौरव को नस्ट करती जा रही है|हम जितने आधुनिक हो रहे हैं, उतने ही संवेदनहीन व धर्म जाति के नाम पर बट रहे हैं.

सुरेश- हाँ, रमेश तुम ठीक कहते हो.. 



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