इश्क़ किया था
हमने भी हम भी रातों को जागे थे
था कोई
जिसके पीछे हम भी नंगे पाँव भागे थे।
लिखना पढ़ना मेरा शौक है मौज मस्ती के लिए कभी-.कभी पढ़ लिख लेता हूँ । साहित्य का छात्र रहा हूँ । साहित्य सेवा ही जीवन सेवा है । किसी ने खूब कहा है मानव सेवा ही माधव सेवा है। बस उसी रास्ते पर चल रहा हूँ ।
प्रेमचंद और उनकी कहानी ईदगाह कवि परिचय प्रेमचंद का जन्म सन् 1880 काशी में ल...