प्रेमचंद और उनकी कहानी ईदगाह
कवि परिचय
प्रेमचंद का जन्म सन् 1880 काशी में लमही नामक गाँव में हुआ था । इनका असली नाम धनपत राय श्रीवास्तव था । इन्होंने लगभग एक दर्जन उपन्यास और लगभग तीन सौ कहानियों की रचना की । इनकी कहानियाँ मानसरोवर नामक आठ खंडों में संकलित है । गोदान,गबन, निर्मल ,सेवसादन, कर्मभूमि, प्रतिज्ञा आदि इनके प्रमुख उपन्यास है ।इनकी प्रमुख कहानियों में कफन, पूस की रात और पंच परमेश्वर शामिल है । इनका निधन सन् 1936 में हुआ ।

शब्दार्थ
1.रोजा – बिना कुछ खाए रहना
fasting
2.ईदगाह – place of
assembly for offering Eid -prayers
3. सुहावना -charming pleasant
4. रौनक – शोभा gaiety, splendour ,brightness
5. बिगुल -तुरही के ढंग का बाजा
bugle
6. हैजा -एक तरह की बिमारी cholera
6. गोदी -आँचल lap
7. कचोट -चुभना to tease
8. छाले -फकोले blisters
9. ख्याल -विचार thought
10. अभागिन -बदनशीब unfortunate
11. दाना -grain
12. भड़कीला -डरना showy
13. दिल बैठ जाना -चुप हो जाना the heart to be sinking
14. शान -इज्जत pomp, grandeur
15. चौंकना – to be startled , to be alarmed
अर्थग्राहयता – प्रतिक्रिया
(अ)
प्रश्नों के उत्तर दीजिए ।
1.
‘ईदगाह’ कहानी के रचनाकार कौन हैं ?इनकी रचनाओं की विशेषता क्या हैं?
उत्तर-‘ईदगाह’
कहानी के रचनाकार प्रेमचंद हैं । आदर्शोन्मुख यथार्थवादी कहानीकार हैं। इनकी
रचनाओं में खासकर भारत के ग्रामीण जीवन का सजीव चित्रण दिखायी पड़ता है। इनकी कला
में कृत्रिमता नहीं है ।
2.
बालक प्रायः अलग-अलग स्वभाव के होते हैं । कहानी के आधार पर बताइए की हामिद का
स्वभाव कैसा है?
उत्तर-
बालक प्राय: विभिन्न स्वभाव के होते हैं। कहानी के आधार पर हामिद का स्वभाव एक दम अच्छा और उत्तम था।
अपने लिए नहीं, अपनों के लिए
सोचना और जो मिले, उसी में
संतुष्ट रहने का महान स्वभाव वाला बालक हामिद था ।
(आ) हाँ या नहीं में उत्तर दीजिए ।
1. हामिद के पास पचास पैसे थे ।
(नहीं)
2. अमीना हामिद की मौसी थे । (नहीं)
3. मोहसिन भिश्ती खरीदता है । (हाँ)
4. हामिद खिलौने खरीदता है । (नहीं)
(इ) रिक्त स्थानों की पूर्ति
कीजिए ।
1. अमीना का क्रोध तुरंत स्नेह
में बदल गया ।
2. कीमत सुनकर हामिद का दिल बैठ
गया ।
3. हामिद चिमटा लाया ।
4. महमूद के पास बारह
पैसे थे ।
अभिव्यक्ति -सृजनात्मकता
(अ) हामिद के स्थान पर आप होते
तो क्या खरीदते और क्यों ?
उत्तर- यदि हम हामिद के स्थान पर होते और मेले में जाते तो कोई ऐसी वस्तु खरीदते जो
उपयोगी होती। हामिद ने चिमटा खरीदा था। हम भी ऐसी ही वस्तु खरीदते।
(आ) ‘ईदगाह’ कहानी का सारांश अपने
शब्दों में लिखिए ।
उत्तर-
कहानी “ईदगाह” कहानी का आरम्भ
ईदगाह के मेले में जाने की तैयारी के साथ शुरू होता है। ईदगाह का मेला एक माह के
रोजे के बाद आया है जिसमें जाने के लिए सभी तैयारी कर रहे हैं। उन सब में चार साल
का हामिद भी है जो अपनी दादी अमीना के साथ रहता है। कहानी के अनुसार हामिद के
माता-पिता का हाल ही में देहांत हुआ है। दादी अमीना बहुत गरीब हैं, लेकिन वह हामिद को बड़े ही प्यार से पालती हैं। ईदगाह के मेले में हामिद भी
जाना चाहता है, लेकिन दादी के पास
पैसे नहीं हैं। लेकिन अंत में दादी हामिद को थोड़े ही पैसे देकर ईदगाह भेज देती
हैं। ईदगाह में हामिद को बहुत रंग-बिरंगे खिलौने, मिठाइयाँ और नए कपड़े पसंद आते हैं लेकिन उसके पास खरीदने के लिए इतने पैसे
नहीं हैं। फिर वह सोचता है कि वह अपनी दादी के लिए कुछ खरीदेगा। ऐसे में हामिद
मेले से एक चिमटा खरीदता है और दादी को दे देता है। दादी चिमटा देखकर खुश हो जाती
हैं और हामिद को गले लगा लेती हैं।
(इ) हामिद और उसके मित्रों के
बीच हुई बातचीत की किसी एक घटना को संवाद के रूप में लिखिए ।
उत्तर- हामिद और उसके दोस्त मोहसिन, महमूद और सम्मी सब मिलकर ईदगाह जाते हैं। वहाँ मेले में वे
कुछ चीजें खरीदते हैं और आपस में इस प्रकार संवाद करने लगते हैं। (खिलौनों की
दुकानों के पास)
मोहसिन : अरे! यह देखो। यह
भिश्ती कितना सुंदर है ?
महमूद : मेरे ये सिपाही और नूरे
वकील को देखो। ये कितने अच्छे हैं और खूबसूरत हैं?
सम्मी : हाँ! हाँ! मेरे इस
धोबिन को देखिए। यह कैसा है ?
हामिद : (उन्हें ललचाई आँखों से
देखते हुए) ये सब मिट्टी के तो हैं, गिरे तो चकनाचूर हो जायेंगे। (वहाँ से मिठाइयों की दुकानों के यहाँ जाते हैं।)
मोहसिन : (रेवडी खरीदता है)
“अरे! हामिद यह रेवडी ले ले कितनी खुशबूदार है।” हामिद : “रखे रहो।, क्या मेरे पास पैसे नहीं हैं ?”
सम्मी : अरे, उसके पास तो तीन ही पैसे हैं, तीन पैसे से क्या – क्या लेगा? (लोहे की दुकान के पास हामिद चिमटा खरीदता है।)
सब दोस्तों ने एक साथ मज़ाक
करते हुए : यह चिमटा क्यों लाया पगले! इसे क्या करेगा ?
(ई) बड़े-बुजुर्गों के प्रति
आदर, श्रद्धा और स्नेह भावनाओं का महत्व अपने शब्दों में बताइए ।
उत्तर- हमें बड़े-बुजुर्गों के
प्रति आदर, श्रद्धा और स्नेह की भावना रखनी चाहिए । बड़े लोगों को सांसारिक अनुभव
हमसे ज्यादा होते है । अगर हमारे सामने कोई समस्या आ जाए तो हम उनसे उसका समाधान
ले सकते हैं
भाषा की बात
(अ) कोष्ठक में दी गयी सूचना
पढ़िए और उसके अनुसार कीजिए ।
1. ईद, प्रभात, वृक्ष (पर्याय
शब्द लिखिए )
ईद- त्योहार, पर्व, जश्न, जलसा ।
प्रभात- प्रातःकाल, सवेरा, उषा,
प्रत्यूषा , निशांत ।
वृक्ष- पेड़, द्रुम, पादप, विटप,
तरु ।
2. मिठाई, चिमटा, सड़क ( वचन
बदलिए )
मिठाई- मिठाइयां
चिमटा- चिमटे
सड़क- सड़कें
(आ) सूचना पढ़िए और उसके अनुसार
कीजिए ।
1. बेसमझ, परलोक, निडर ( उपसर्ग
पहचानिए )
बे+समझ = बेसमझ (बे)
पर+लोक= परलोक (पर)
नि+डर =निडर (नि)
2. दुकानदार, गरीबी (प्रत्यय
पहचानिए)
दुकान+दार = दुकानदार (दार)
गरीब+ई= गरीबी (ई)